Gurugram में शातिर बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश: नूंह के हिस्ट्रीशीटर ने कबूली 7 वारदतें
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 25 अक्टूबर 2025 को पुलिस थाना सदर, गुरुग्राम में दर्ज एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी बाइक 24 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-48, गुरुग्राम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर ली थी।

Gurugram :अपराध शाखा सोहना की टीम ने वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी गुरुग्राम के विभिन्न पॉश इलाकों में आधा दर्जन से अधिक बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की गई 07 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। यह गिरफ्तारी न केवल गुरुग्राम पुलिस की बड़ी सफलता है, बल्कि शहर में बढ़ती वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 25 अक्टूबर 2025 को पुलिस थाना सदर, गुरुग्राम में दर्ज एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी बाइक 24 अक्टूबर 2025 को सेक्टर-48, गुरुग्राम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर ली थी। इस अभियोग के अनुसंधान के दौरान, उप-निरीक्षक विनय, इंचार्ज अपराध शाखा सोहना के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
टीम ने तकनीकी और खुफिया जानकारी का सहारा लेते हुए लगातार जांच की और आखिरकार कल, 30 नवंबर 2025 को आरोपी मुस्तफा उर्फ बालम को रायपुर नाका, सोहना के पास से काबू कर लिया। आरोपी की पहचान नूंह जिले के घासेड़ा निवासी के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में मुस्तफा उर्फ बालम ने सदर थाने में दर्ज इस मामले के अलावा गुरुग्राम से वाहन चोरी की 06 अन्य वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। ये मामले गुरुग्राम सदर, सेक्टर-50, सिटी, मानेसर और सेक्टर-65 जैसे प्रमुख थानों में दर्ज हैं। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से चोरी की गई सभी 07 मोटरसाइकिलों को बरामद कर लिया है।

आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के अवलोकन से ज्ञात हुआ है कि वह पहले भी गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। नूंह जिले में उसके खिलाफ वर्ष 2023 में हत्या के प्रयास (धारा 307), दंगा फसाद और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2018 में भी उसके खिलाफ लूटपाट (379-ए आईपीसी) का एक मामला दर्ज किया गया था। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि मुस्तफा एक आदतन अपराधी है।
आरोपी को आज, 01 दिसंबर 2025 को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि अभियोग का अनुसंधान अभी जारी है और वे आरोपी के संभावित अन्य सहयोगियों और उसके द्वारा अंजाम दी गई अन्य वारदातों की जांच कर रहे हैं। पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल वाहन चोरी की वारदातों पर रोक लगेगी, बल्कि सात वाहन मालिकों को भी बड़ी राहत मिली है।











